Uttarakhand News: हरिद्वार कुंभ-2027 से पहले धामी सरकार का बड़ा एक्शन, मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने के लिए QRT तैनात होगी, CM ने वन्यजीव संरक्षण और इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के दिए निर्देश….


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज राज्य वन्यजीव बोर्ड और राज्य स्तरीय बाघ संचालन समिति की बैठक लेते हुए, प्रदेश में मानव वन्यजीव संघर्ष रोकने के साथ ही वन्य जीव आधारित पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए हैं.

सचिवालय स्थित विश्वकर्मा भवन में आयोजित उत्तराखण्ड राज्य वन्यजीव बोर्ड की 23वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए, मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में मानव-वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम, वन्यजीव गलियारों के संरक्षण तथा विभिन्न विकास परियोजनाओं से जुड़े प्रस्तावों पर तेजी से कार्य करने के निर्देश दिए.

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखते हुए सभी परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जाए. उन्होंने कहा कि वन्यजीव संरक्षण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है, साथ ही मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए भी आधुनिक तकनीक के साथ जनसहभागिता को और अधिक प्रभावी बनाया जाए.

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार वन्यजीव संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन और स्थानीय लोगों की आजीविका के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है. इसके लिए वन्यजीव आधारित पर्यटन को बढ़ावा दिया जाए. उन्होंने कहा कि मानव वन्यजीव संघर्ष के दौरान दूसरों को बचाने के लिए साहसिक प्रदर्शन करने वाले आम लोगों को राज्य स्तर पर पुरस्कृत किया जाए. मुख्यमंत्री ने कहा कि वन्य जीवों के हमले में मृत एवं घायल व्यक्ति और उसके परिवार को मानकों के अनुसार तय समय पर मुआवजा राशि उपलब्ध कराई जाए. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी स्वीकृत परियोजनाओं में वन्यजीव संरक्षण संबंधी शर्तों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए.

बैठक में राज्य में वन्यजीव संरक्षण की दिशा में की गई प्रगति की समीक्षा की गई. बताया गया कि वन भूमि हस्तांतरण से संबंधित वाइल्ड लाइफ मैनेजमेंट प्लान तथा विभिन्न प्रस्तावों पर नियमानुसार स्वीकृतियां प्रदान की जा रही हैं. मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए त्वरित प्रतिक्रिया दल (QRT) गठित करते हुए, कैमरा ट्रैप, ड्रोन, सर्प बचाव किट, सोलर लाइट जैसे प्रयास किए जा रहे हैं. साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित राहत, निगरानी व्यवस्था तथा वन कर्मियों को आवश्यक संसाधन भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं.

बैठक में संरक्षित क्षेत्रों से संबंधित विभिन्न विकास परियोजनाओं के प्रस्तावों पर विचार करते हुए राजाजी राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र में गैस पाइपलाइन और अन्य राष्ट्रीय उद्यानों में सड़क, आईटीबीपी अवसंरचना तथा ऑप्टिकल फाइबर केबल जैसी जनहित की परियोजनाओं को आवश्यक शर्तों के अधीन राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की स्थायी समिति को अग्रसारित करने की अनुमति प्रदान की गई. इसके बाद आयोजित राज्य स्तरीय बाघ संचालन समिति की बैठक में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड जैव विविधता एवं वन्यजीव संपदा की दृष्टि से देश का अग्रणी राज्य है.

सीएम ने कहा कि राज्य में बाघ संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय समुदायों की सहभागिता, आधुनिक तकनीक का उपयोग तथा वन्यजीवों के प्राकृतिक आवासों का संरक्षण सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वन्यजीव संरक्षण और विकास कार्यों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए मानव-वन्यजीव संघर्ष को न्यूनतम करने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए. उन्होने कहा कि राज्य में वन्यजीव कॉरिडोरों का संरक्षण, कैमरा ट्रैप, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित निगरानी तथा वैज्ञानिक प्रबंधन को और मजबूत किया जाए.

उन्होंने वन्यजीवों के प्राकृतिक जल स्रोतों एवं चारागाहों के विकास, वनाग्नि प्रबंधन तथा संवेदनशील क्षेत्रों में आधुनिक तकनीक आधारित निगरानी प्रणाली को विस्तार देने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि हरिद्वार कुंभ के दौरान मानव वन्य जीव संघर्ष रोकने के लिए क्यूआरटी टीम की तैनाती की जाए.

बैठक में कॉर्बेट एवं राजाजी टाइगर रिजर्व के लिए टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स के गठन, पर्यावरण अनुकूल सफारी वाहनों को बढ़ावा देने, संरक्षित क्षेत्रों में कार्यरत फील्ड स्टाफ के लिए विशेष प्रोत्साहन तथा वन्यजीव अपराधों की प्रभावी जांच के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं पर भी चर्चा की गई.